Maa Poem in Hindi, Shayari on maa, Maa. Meri maa

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Maa poem in hindi and maa shayari in hindi.

Some lines for maa.

This story is for those who dont want to stay with there parents. Who Left alone there parents for wife or new family or new life.

 

 

बड़ी धूमधाम से शादी हो गयी मेरी। माँ भी बहुत खुश दिख रही है। बहुत अच्छा अहसास है ये भी। लेकिन कुछ वक्त के बाद मेरी पत्नी काजल मुझसे कहने लगी के चलो न शहर में जाके रहेंगे ।

वो मेरे परिवार के साथ नही रहना चाहती थी। मेरे साथ अकेले रहना चाहती थी । प्यार बहुत करती थी मुझसे लेकिन मेरी माँ और परिवार के साथ रहना और काम करना उसे पसंद नही था।

एक दिन मैंने उसे एक सवाल पूछा और उस दिन के बाद से काजल ने दोबारा शहर रहने को नहीं कहा।।

 

काजल तुम मुझे हमेशा कहती हो अपनी ट्रांसफर करवा लो
कही बड़े शहर में जाकर रहेंगे हम दोनों।

आखिर क्यों छोड़ दूं में मा को। क्यों।

 

एक ट्रांसफर के लिए, बड़े शहर के लिए या तुम्हारे लिए। क्यों छोड़ू में अपने भगवान को।

जानती हो कौन है वो। कैसे मिला में उसको।

दुनिया भर के मंदिर मस्जिद जाके एक ही दुआ मांगती थी वो के भगवान एक चांद जैसा बेटा देदे बस।

Maa poem in Hindi

घर मे कोई बाबा भी आता था तो यही पूछती थी बाबा बेटा होगा या बेटी। और बाबा जानबूझ कर कहता था बेटा होगा । ओर मेरी भोली मा उसकी झोली में ढेर सारे पैसे और आटा डाल देती थी।

उसकी दुआ कबूल भी हुई और 9 महीने अपनी कोख में मेरा बोझ उठा के दुनिया की सबसे बड़े दर्द और पीड़ा के साथ मुझे इस दुनिया मे लाया उसने । मेरी आँखें भी नही खुलती थी में कुछ बोल भी नही पाता था लेकिन मेरी माँ सब समझ जाती थी। अपनी छाती का दूध पिला के कई महीने जिंदा रखा है उसने मुझे। रात को तब मुझे समझ ही नही आता था कि रात तो माँ ने बिस्तर पर इधर की तरफ सुलाया था सुबह दूसरी तरफ कैसे होता था मैं। लेकिन आज समझ आया कि मेरे गीले किये बिस्तर में मा खुद सोती थी मुझे अपनी जगह सूखे में सुलाकर । पापा डांट ते भी थे तो माँ मेरे लिए उनसे भी लड़ जाती थी । ओर एक बात में आज 30 साल का हो गया हूं मुझे नही याद के मा ने कभी कुछ मांगा हो मुझसे लेकिन मुझे बिना मांगे ही आजतक सब कुछ दिया है मेरी माँ ने । दुनिया मुझे मेरे नाम से जानती है नाम से बुलाती है यहां तक के तुम भी लेकिन मेरी माँ मुझे सिर्फ बेटा बुलाती है आजतक अपना नाम नही सुना उनके मुह से। काजल बहुत बार मेरा भगवान भी खफा हुआ है मुझसे लेकिन मा के चेहरे पर आजतक शिकन नही देखी मैंने। अपने हिस्से के

सारे सुख मेरी झोली में डाल दिए मा ने।

ओर तुम कहती हो कि छोड़ दूं माँ को।
अब तुम ही बताओ मा को क्यों छोड़ दूं।

किसी के भी प्यार में इतनी वफ़ा नही होती ।
एक माँ ही होती है काजल जो खफा नही होती।

 

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सब कहते है माँ हमारे साथ रहती है कोई ये क्यों नही कहता कि हम माँ के साथ रहते है।

पता जब घर मे हम 4 लोग खाने वाले थे और रोटी 3 की बची होती थी तो सिर्फ और सिर्फ मा के मुह से ही ये सुनता था कि आज तो मुझे भूख ही नही है।

 

में जब भी घर आता हूं सब यही पूछते है मेरा ये सामान लाये वो लाये एक सिर्फ मेरी मा मेरा टिफिन पकड़ के पूछती है कि बेटा दिन में खाना तो खाया था न।

सब कहते है मुझे कि सुनील अच्छा बन जा अच्छा बन जा लेकिन एक माँ कहती है आ बेटा मेरी गोद मे आ ओर फिर से बच्चा बन जा।

Maa poem in Hindi

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अब बोलो माँ को क्यों छोड़ दूं में।

दोस्तो मां दुनिया का स्वर्ग है । माँ के कदमो में ही सब कुछ है प्लीज मा को कभी अपने से दूर न करें वरना दुनिया मे कोई देवता नही जो हमे बर्बाद होने से बचा लेगा सिवाए माँ की दुआ के।

फना कर दो अपनी जिंदगी मां के कदमो में दोस्तो दुनिया मे यही एक मुहहोब्बत है जिसमे बेवफाई नही मिलती।

 

 

ये जो सख्त रस्तो पे भी आसान सफ़र लगता हे
ये मुझ को माँ की दुआओ का असर लगता हे
एक मुद्दत हुई मेरी मां नही सोई ए दोस्त …
मेने एक बार कहा था के मुझे डर लगता हे..!!!

I love my mom. Love you maa

 

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