Dead – A Revenge Emotional Revenge story. Hindi story.

Dead – a revenge.

This is a Revenge story . Please read till end.

Badluck

द्र्श्य 1

राजीव अपने एक खास दोस्त से पैसो का एक पैकेट पकड़ रहा है। आसपास कुछ लोग चल रहे ओर खड़े है। पैकेट हाथ मे लेकर राजीव अपने दोस्त से कहता हूं।

राजीव – भाई तेरा ये अहसान में हमेशा याद रखूंगा । तूने जो आज मेरी मदद की है उस से आज मेरी माँ मुझे वापिस मिल जाएगी। अगर आज ये पैसे जमा कराता तो कुछ नही होता मेरे पास। आज लास्ट डेट दी थी डॉक्टर ने। बस अभी जाकर में इन पैसों को जमा कराता हु ओर आज के मम्मी का ऑपरेशन हो जाएगा। बहुत बहुत शुक्रिया भाई।

दोस्त – अरे कोई बात नही यार दोस्त ही दोस्त के काम आता गई। आज मेरे पास थे तो मैंने दे दिए। कल मुझे जरूरत पड़ेगी तुझसे ले लूंगा ।

राजीव – जरूर भाई आपकी एक एक पाई चुका दूंगा में। पूरी उम्र आपका करजमन्द रहूंगा । थे तो मेरे अपनो के पास भी लेकिन किसी ओर की माँ की कीमत ओर क्या जाने।

दोस्त – चल कोई ब अब जल्दी हॉस्पिटल जा के जमा करा दे वैसे बी तू लेट होरा।

राजीव – हाँ भाई ओकक चलता हूं अब।

राजीव ने वो पैकेट अपने बैग में डाला और चलने लगा। उसके ठीक पीछे खड़ा एक शैतान व्यक्ति उनकी सब बातें सुन रहा था। और हैवानियत भरी नजरों से देख रहा था। उस लड़के ने फ़ोन निकाल कर किसी को फोन मिलाया ।

लड़का – हेलो । बंटी बावा आज मालामाल होने वाले है हम। तू ऐसा कर जहा जहा में बताता हूं राजे को लेकर आजा। एक मुर्गी देख रखी आज। बड़ी आसानी से निकाल लेंगे । हजारो होंगे । अभी निकला है लेकर बस मौका पाकर उसका बैग छुड़ाना है।

दूसरा लड़का – अच्छा । वाह फिर तो मज़े करेंगे फुल पार्टी होगी बावा। तू बताता रह किधर को जा रा वो ।

लड़का – अरे उसने हॉस्पिटल जाना है पैसे लेकर ओर यहाँ नीचे वाली मारकेट में से आना उसने । आगे तुझे हॉस्पिटल का रास्ता पता ही है। बस जमा ले डेरा वही। ओर कहाँ से जाएगा।

दूसरा लड़का – ओक ठीक है । बताते रहना बावा

लड़का – ओक ठीक है।

दृश्य 2

राजीव पैसे बैग में डालकर हॉस्पिटल के लिए निकल गया। और रास्ते मे वो 3 शैतान दोस्त उसका इंतजार कर रहे थे। रास्ता भी थोड़ा सुनसान से है। तभी राजीव जब उनके पास से गुजरता है तो तीनों उसके पास जाकर

एक दोस्त राजीव से – हाँ भाई हीरो किधर को चल रा हमारी बात भी सुन ले।

राजीव – हांजी कौन हो आप।

दूसरा – हमसे क्या लेता है बे तू ये बैग दे। ( और लपक कर राजीव को धकका देकर गिरा देता है और पकड़ लेता है) बंटी ले बैग निकाल इसका ।

राजीव बहुत हाथ पैर हिलाता है और भीख मांगता है कि ऐसा मत करो ये पैसे उसकी माँ के ओप्रेअशन के लिए है वरना वो मर जाएगी लेकिन उसकी कोई नई सुनता ओर फिर एक दोस्त उसका बैग निकाल के भाग जाते है। राजीव रोता बिलखता उनके पीछे दौड़ता जरूर है पर वो भाग जाते है। बस फिर तो जैसे राजीव का सबकुछ छीन गया हो सिर पर हाथ रख के स्तब्ध सा होकर वो जमीन पर घुटनो के बल बैठ जाता है।

दृश्य 3

जलती हुई चिता का दृश्य । इमोशनल म्यूजिक के साथ ।

दृश्य 4

ब्लैक स्क्रीन पर
After 5 days of mothers death

दृश्य 5

राजीव परेशान दुखी और गुस्से से भरा बैठा है और अपने दोस्त गौरव से बात कर रहा होता है।

गौरव – राजीव भाई आप टेंशन मत लो यार जो भगवान को मंजूर था वो हो गया। सोच लो उन तीनों का भी कर्ज देना होगा आपने । छोड़ो अब ओर हिम्मत करो थोड़ी।

राजीव – आंखों में जैसे खून उतर आया हो। गौरव कर्ज तो अब मैं चुकाऊंगा अपनी माँ का। मेरा आगे पीछे अब कोई नही है। और ना अब किसी की परवाह है मुझे। उन तीनों को में जिंदा नही छोडूंगा अब। अब के बाद उन तीनों की जिंदगी की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। जिस मा को बचाने के लिए मैंने दिनरात एक कर दी थी उस मा को मैं सिर्फ कुछ लोगो के लालच की वजह से हार गया। अब इसकी सज़ा उन्हें मिलेगी। उन्हें भी जीने का कोई हक नही है भाई अब। बस अगर तू मेरा कोई भला चाहता है तो एक काम कर दे हुलिया नक्शा रंग कद काठी नाम मैंने तुझे बताया ही है। बस कैसे भी करके उनका पता लगा दे और मुझे बता दे। बस तेरा काम खत्म मेरा काम शुरू।

भले ही अगर चाहता है तो बाद में पुलिस को भी बता देना पर एक बाद मार लेने दे उनको यार।

गौरव – भाई कैसी बातें कर रहे हो आप। क्यों इन कामो में पड़ रहे हो। अच्छे काम किये है आपने आजतक । उनको उनके किये की सज़ा खुद मिल जाएगी। ऊपरवाला सब देखता है।

राजीव – तू सिर्फ इतना बता के उनका पता लगा सकता है या नही बस। मुझे प्रवचन नही सुन ने अब।

गौरव – भाई पता लगाने को तो कोई बड़ी बात नही । पहले भी सुना है एक दो बार उनके बारे में लोकल ही है वो लोग। पर आप प्लीज इतना बड़ा फैसला मत लो । क्यों लाइफ बर्बाद कर रे अपनी।

राजीव – तो बस तू सिर्फ पता करके बता ओकक। मेरी लाइफ मेरा फैसला । कोशिश रहेगी कि कानूनी झंझट में ना पडू । बाकी तेरी मर्जी । सिर्फ एक उम्मीद है तुझसे । अच्छे बुरे में तूने मेरा साथ दिया है एक बार ओर दे दे बाई ।

गौरव – ठीक है भाई जैसी आपकी मर्जी । जब भी मुझे उनके बारे में कुछ पता चलेगा मैं बता दूंगा आपको । पर अपना ख्याल रखना

दृश्य 6

ब्लैक स्क्रीन
After 6 six days

दृश्य 7

राजीव किसी दुकान से कुछ सब्जी खरीद रहा है ओर तभी उसका फ़ोन बजता है ।

राजीव – हेलो हा गौरव । क्या हाल है ।

गौरव – बढ़िया भाई जी आप सुनाओ ।

राजीव – ठीक ही हु यर ।

गौरव – भाई एक बन्दे का पता चल गया । बंटी नाम है उसका । शहर के पास नीचे फैक्ट्री के पास जो कॉलोनी है उस से नीचे घर है उसका । ओर ऐसे ही काम करता है वो नशे चोरी मार पिटाई ।

राजीव – ओहहहह अच्छा । थैंक्स भाई । हटता कट्टा है ना देखने मे गुंडा सा ।

गौरव – देखा तो है नी भाई लेकिन 100 परसेंट वही है क्योंकि सुना है आजकल बहुत पार्टी शॉर्टी कर रे वो । 5 6 बन्दों की गैंग है उनकी ।

राजीव – मुझे तो सिर्फ 3 की तलाश है । बहुत शुक्रिया दोस्त तेरा अहसान रहा मुझपर ये । बस अब भूल जा के कुछ बताया भी था तूने मुझे।

गौरव – ठीक है भाई । एक बात और बता दु शनिवार को उसके घर मे कोई नही होता उसके पापा का बाहर से कही से इलाज चल रहा है तो शनिवार रात को ही निकल जाते है वो । फिर अगले दिन आते शाम को।

राजीव – ओह्ह बहुत कुछ पता लगा दिया तूने गौरव । थैंक यु सो मुच् ।

ओर तभी फ़ोन काट के राजीव एक ओर नंबर मिलता है ।
राजीव – हेलो हांजी अशफाक भाई एक काम था यार । राजू बोल रहा हु इमरान का दोस्त ।

अशफाक – हाँ भाई बोल क्या काम है । कैसे याद किया ।

राजीव – भाई एक गन चाहिए थी कोई दो नंबर में ।

अशफाक – अच्छा मिल जाएगी ।

राजीव – क्या खर्च आएगा ।

अशफाक – देख तू इमरान का दोस्त है तो अपना भी दोस्त हुआ तेरे लिए 8000 की 6 राउंड शार्ट लौ साउंड गन ।

राजीव – लेकिन भाई मेरे पास अभी 5 ही है।

अशफाक – मममम चल कोई न बाकी फेर दे देना ।

राजीव – थैंक यू भाई । आपने पूछ नही के क्या करना मुझे गन का ?

अशफाक – हाहाहा दोस्त मैं यही धंदा करता हु। बंदूक मारने के लिये ही काम आती है। पर मुझे अपने ग्राहक से क्या लेना के वो मारने के लिए लेकर जा रहा है या मरने के लिए । में बंदूक देने का कोई सबूत नही देता और मेरी बंदूक का कोई रिकॉर्ड नी निकाल सकता । में सेफ हु। तू बता कब लेने आरा ।

राजीव – अच्छा भाई । थोड़ी देर में पहुचता हु भाई । ओक
ओर फ़ोन काट देता है ।

दृश्य 8

अंधेरा । ओर फिर हल्के से दरवाजा खुलने की आवाज़ आती है । कमरे की लाइट जलती है।

सामने वो चोरी करने वाला लड़का बंटी बेसुध होकर सोया है। राजीव उसकी मौत बनकर उसके कमरे में घुस चुका है। सबसे पहले वो सोये हुए बंटी के होठों पर चिपकने वाली चीज गिरकर उनके सील कर देता है । फिर उसके हाथ और पैर बांध कर उसके ऊपर पानी गिरा के उसे जगाता है। राजीव अब पूरा एक खलनायक के जैसे लग रहा है । बंटी जब जागता है तो हैरान देखता ह वो न हिल पाता और न बोल पाता अब । ओर राजीव ने उसे याद दिलाते हुए ।

राजीव – गुड़ मॉर्निंग । पहचाना मुझे ।

बंटी – ना में सिर हिलाते हुए ।

राजीव चिल्लाकर – पहचान मुझे । कौन हूं मैं ।
जिस दिन से लेकर मेरे पैसे लेकर भागे हो तब से आज तक मैं तेरा चेहरा नई भूल पाया तो तू मुझे पहचान नही रह है। पहचान मुझे ।

बंटी – एकदम हा में सिर हिलाता है। और डर जाता है ।

राजीव – वाह बड़ी जल्दी पहचान लिया । क्या मिला तुम लोगो को मेरी माँ के लिए मौत चुनकर । जरा से पैसों के लिए किसी की जान की भी परवाह नही की । आज अपनी जान की कीमत लगा तू । तुम लोगो को जीने का हक़ नही है । नशे ओर ऐश ओ आराम की जिंदगी के लिए किसी का भी गला काट दोगे तुम लोग । नही रे अब नई होगा ऐसा । अब तुझे मरणा ही होगा ।
बंटी घबरा जाता है ना न न करते सिर हिलाता है। सिर को माफी मांगने के लिए झुकाता है । लेकिन राजीव एक नही सुनता ।

राजीव – भीख मत मांग कुत्ते । मैंने भी मांगी थी बहुत । अब मरने के दो तरीके है तेरे पास बस उनमे से एक चुन लें । एक तू अपनी इच्छा से अपने नशे के साथ मर या फिर मैं तेरी खोपड़ी में गोली मार के सब बाहर निकाल दु ।

बंटी – सिर हिलाता हुआ रोता हुआ मना कर देता है ।

राजीव – अगर अब ना नुकर की तो सीधा गोली मार दूंगा । नशे का ओवरडोज़ लेने में एक फायदा ये है कि तू बच भी सकता है । अगर इतना नशेड़ी है और इतना ही नशा सहने की हिम्मत रखता है तो ये इंजेक्शन उठा और उतार ले अपने खून में । अगर बच गया तो मैं चुपचाप चला जाऊंगा । या फिर मैं पहले पेट मे गोली मार के तेरी आंत बाहर निकाल दु ओर फिर खोपड़ी में मार के तेरी सांसे । बोल क्या पसन्द है एक तो चुन न ही पड़ेगा 3 कि गिनती तक वरना ये घोड़ा दब जाएगा । चुन ने की जरूरत नही पड़ेगी ।

जैसी बंटी की फितरत थी राजीव के 3 पूरे होने से पहले उसने नशे की दवाई से भरे इंजेक्शन की ओर इशारा किया ।
राजीव ने हाथ खोल दिये और कहा ले खुद से लगा अपनी मौत को गले । लगा ये इंजेक्शन

बंटी ने डरते डरते न न करते हुए इंजेक्शन उठाया और लगा लिया । अचानक से एकदम सुन सा हो गया । और फिर तड़पने लगा और एकदम चिपके होठ खुल गए और मुह से सफेद पानी बाहर ओर कुछ बोल पाता उस से पहले शरीर ठंडा हो गया । और राजीव का एक बदला पूरा हो गया ।

राजीव ने पैर की रस्सी खोली ओर मौत का कारण नशे का ओवरडोज़ बना के चला गया।

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