Sucide A Bad Way .

Sucideआत्महत्यादृश्य
बैकग्राउंड इन्फो
ये है राहुल त्रिपाठी किस्मत जिंदगी तकदीर ओर खुद से परेशान । बहुत दर्द है इनकी लाइफ में ओर फिर भी हार नही मानी। 1 साल पहले इनके पिता जी इन्हें छोड़ गए उसके बाद बैंक कर्ज के चक्कर मे जमीन नीलाम हो गयी ओर अब पढाई में भी फैल हो चुके है। इसने बस नशे की गलत लत लग गयी है। जो अक्सर लग ही जाती है ऐसे हालात में । ये गंगानगर के एक कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे है। और बदकिस्मती से उसमे असफल रहे है। तीन दिन पहले ही रिजल्ट आ चुका है। जिसकी वजह से ये बहुत डिप्रेशन में है। लेकिन इसकी बदकिस्मती अभी भी इसका पीछा नही छोड़ रही अभी उस दुख की खबर इसे मिलने वाली है जो इसकी जिंदगी बदल देगी । अछि या बुरी खुद देखिये ।।।।( राहुल सो रहा है । सुबह के 7 बजे का वक़्त है । तभी टेबल पर पढ़ा राहुल का फ़ोन बजता है। राहुल आंखे मलता हुआ फ़ोन उठाता है।
राहुल – ओह्ह मम्मी का फ़ोन सुबह सुबह । हेलो मम्मी नमस्ते आज इतनी सुबह फ़ोन । क्या हुआ सब ठीक तो है ना।
जवाब
राहुल – क्या हुआ मम्मी आप रो क्यों रहे है । बताओ तो सही हुआ क्या है यर।
जवाब – बेटा लड़के वालों ने तेरी बहन का रिश्ता तोड़ दिया।राहुल – क्या । रिश्ता कैसे तोड़ सकते है वो। ये कैसे हो सकता है। उनको पता है ना एक महीने बाद शादी है । सारे कार्ड बांट दिए है। जो पैसे थे वो भी लगा दिए है। अब क्यों मना कर रे वो क्यों बर्बाद कर रहे हमे।जवाब – रोने लगती है।राहुल – मम्मी तो कारण तो बताए कम से कम। बात करो उनसे। ऐसे कैसे हो सकता है मम्मी।राहुल – ओहद गॉड मम्मी ये सब हमारे साथ ही क्यों हो रहा है। भगवान आखिर हमसे चाहता क्या है। और कितना मारेगा हमे।
मम्मी प्लीज़ आप रो मत। जो होना होगा जो जाएगा । आप प्लीज़ रो मत। रितु को बताया ये सब।
सम्भाल लेना मम्मी उसको । में जल्दी ही घर आता हूं बस ।
ओक बाई। प्लीज़ मम्मी सम्भाल लेना।दृश्य 2
( सुबह के 10 बजे है राहुल डिप्रेशन ओर उदास बैठा है। तभी उसके दरवाजे पर कोई आता ह । राहुल उठकर आंसू पोछते हुए दरवाजा खोलते है। तभी उसका एक दोस्त अंदर आता ह।दोस्त – हाय राहुल गुड़ मरनग क्या हाल है।
राहुल – उदास से होकर । गुड़ मरनग सब बढ़िया है तू सुना।
दोस्त बस बढ़िया भाई । आज एग्जाम है सोच मिलता चालू तुझसे।
ओर तभी उसके पास फ़ोन पर मैसेज आता है। वो पड़ता है और फ़ोन राहुल को दिखता हुआ बोलता है।
दोस्त – राहुल देख ये अपने कॉलेज का M.tech final का लड़का लापता है यार दो दिन से । व्हाट्सएप्प पर मेसेज भी आया है कही दिखे तो कांटेक्ट करे । जानता है क्या तू इसको।
राहुल – नही।
दोस्त – अरे यर ये वही तो है जो कॉलेज में कभी डस्टर लेकर आता है कभी सफारी । बड़े बाप का बेटा है उठा लिया होगा किसी ने ।
राहुल – अरे परे कर यार इसको कोई भी हो हमे क्या लेना देना। छोड़ इसको
दोस्त – ओर तुझे क्या हुआ है । मुह क्यों लटका पड़ा है। आंखे देख लाल होरी जैसे रात सोया नही। दोबारा नशे की गोलियां तो नई खाई तूने।
राहुल – नही यर कुछ नही बस।
दोस्त – देख भाई दोस्त से कुछ नही छुपता । जल्दी बता क्या बात है।
राहुल – उदास होकर क्या बताऊँ यर बस ये समझ ले के अच्छे दिन ओर खुशिया मेरे लिए बनी ही नही है।
दोस्त – क्यों क्या हुआ।
राहुल – भाई यार तुझे पता ही है साल पहले पापा चले गए फिर जमीन चली गयी । फिर ये इंजीनियरिंग की डिग्री भी गयी। अब सुबह मम्मी का फ़ोन आया था। बहन का रिश्ता भी तोड़ दिया यार उन्होंने । ओर जो दोस्त मेरे बर्थडे पर विश नही करते थे वो मेरा रिजल्ट पूछने आते है जान बूझ कर।
दोस्त – ओह्ह मय गॉड । ऐसा क्यों किया उन्होंने । पागल हो गए क्या वो। शादी में वक़्त ही कितना बचा है। और तूने तो सबको कार्ड भी दे दिए। यर भाई ये किस्मत भी न बन्दे को मदारी का बन्दर बना देती है। मार भी खाओ ओर नाचो भी।
राहुल – भाई बस पूछ मत । मेरी तकदीर तो जैसे सो चुकी है। हर तरफ से दुख ही दुख मिल रे यार।
दोस्त – भाई तू फिक्र मत कर अछे दिन भी आएंगे । सब ठीक हो जाएगा यार। चिंता मत कर दुख दर्द इंसान के लिए ही बने है। ये वक़्त निकाल ले बस।
तभी दोस्त के पास एक फ़ोन कॉल आती है ।
दोस्त – हां विक्की अभी आया यर तू नीचे रुक्क जरा ।
यर राहुल नीचे विक्की आ गया है । में चलता हूं 11 बजे से एग्जाम है यार। ओर तू टेंशन मत ले आके बात करता हु।
राहुल – ओक। बेस्ट ऑफ लक।
दोस्त थैंक्स
दृश्य 3
राहुल सोच सोच कर पागल हो जाता है। परेशान टेंशन बुरा हाल। बेचैन सा हो जाता है । बेड पर बैठ कर वो टेंशन में कुछ सोच रहा है। एकदम उसे कुछ ख्याल आता है। वो गुस्से में उठता है। और अपने कमरे में कुछ ढूंढता है। फिर जाके गैलरी में कुछ ढूंढता है। तभी उसको एक रस्सी मिलती है और वो उसे उठाकर एक थैले में डाल लेता है। और वह से निकल कर पास में ही एक जंगल मे दूर तक निकल जाता है। जंगल मे जाकर एक ऊंचे से पेड़ पर वो रस्सी से फँदा बनाकर गले मे डाल लेता है ।दृश्य 4
राहुल फांसी लगाने ही वाला होता है । तभी उसे एक आवाज आती है ।ओ हेलो दोस्त । ये क्या पागलपन कर रहा है। कोई फायदा नही इसका । मरके कुछ हासिल नही होगा। किसी दर्द की दवा नही है ये।
ओर बोलते बोलते वो आदमी पास आ जाता है
राहुल – तुम कौन हो। क्यों रोक रहे हो। प्लीज़ मुझे मर जाने दो।
आदमी – दोस्त देख नीचे उतर मेरे साथ दो चार बातें कर ले । फिर चाहे मर जाना नही रोकूंगा । इतने साल जिया है 2 मिंट ओर सही। चल आजा बात करते है।
राहुल – रस्सी छोड़कर कर उसके पास आता है। तुम हो कौन ।
आदमी – में कौन हूं ये मत सोच ये सोच तू क्या कर रहा है। तेरे साथ ऐसा क्या हुआ है जो अपनी जिंदगी को इतनी बड़ी सजा दे रहा है तू।राहुल – भाई में शोलापुर का रहने वाला हु। यहाँ कॉलेज में बी टेक की पढ़ाई कर रहा था । फैल हो गया। उस से पहले मेरे पिता जी और जमीन सब कुछ चला गया। घर मे एक माँ और एक बहन है बस। बहन की शादी थी अभी लेखों इन वक़्त पर रिश्ता तोड़ दिया ।
अब आप ही बताओ में जिकर क्या करूँ। क्यों जियूँ आखिर में।
आदमी – और मरके क्या करेगा। तेरे मरने के बाद सोचा कभी तेरी उस मा का क्या होगा जो तुझे देखकर थोड़ा मुस्कुरा लेती है। जिसने अपने सीने का सफेद अमृत पिलाकर तुझे बड़ा किया है। जिसने खुद को दुख देकर तुझे हंसाया है। आज जरा सा दुख आया तो उसके बारे में सोचेगा भी नही।
यार मा का कर्ज तो कोई भी नही उतार सकता कम से कम और दुख तो मत दे उसे। तू मर्द होकर भी इतने दुख में मरने चला है तूने सोचा कभी जो मा पति खो चुकी है जमीन खो चुकी है अपनी बेटी के सपने खो चुकी है और अगर वो जान से प्यार बेट भी खो देगी तो उस मा का क्या होगा ।
वो जी पाएगी ऐसे । ओर अपनी माँ का खून करके तू स्वर्ग हासिल नही कर सकता।
ओर तेरी बहन जिसे सिर्फ और सिर्फ अब तेरा ही सहारा है। अकेली रह जाएवी तो क्या करेगी वो। दुनिया की गंदी नजर उस पर पड़ेगी । लोग फायदा उठाएंगे उसका नोच डालेंगे उसको। घर मे आदमी हो तो बहुत असर होता है इन बातों पर । कम से कम सहारा तो बन उनका। अपनी बहन को तवायफ बनाकर तेरी आत्मा रह लेगी खुश ।
बोल।
ओर तू क्या समझता है मरने के बाद सब ठीक हो जाता है । सब भूल जाएगा तो। कुछ देख नही पायेगा। ऐसा कुछ नही है मेरे दोस्त। मरने के बाद इंसान ओर दुखी हो जाता है मजबूर हो जाता है।
होगा क्या तू मर जायेगा हफ्ते भर जब तक इधर कोई नही आता तेरी लाश लटकी रहेगी । आत्मा भटकती रहेगी । और तू अपने बाद अपने परिवार की हालत देखकर जलता रहेगा मरता रहेगा । फिर दोबारा नही मर सकता तू तब। ओर न कुछ कर सकता अपने परिवार के लिए क्योंकि मर चुका होगा तो। तो मेरे भाई इस से पहले के तेरे अपने परिवार के साथ कुछ गलत हो तो जी ले। और सभाल खुद को ओर अपने परिवार को। यही जिंदगी है यहां गिरने पर उठ के चलन पड़ता है।राहुल – भाई आप हो कौन । आपको कैसे पता के मरने के बाद क्या होता है और क्या नही। कैसे कह सकते आप ये सब।
आदमी – मैं कौन हूँ ? जान ना चाहता है तू तो आ चल मेरे साथ मैं बताता हूँ मैं कौन हूँ।दृश्य 5
जंगल मे चलते हुए दोनों एक जगह पहुंचते है । तभी आदमी एक लाश के पास रुक्क कर कहता है ।
देख ये हु में। इसलिए जानता हूँ सब।
राहुल डर हैरानी ओर टेंशन में खड़ा का खड़ा रह जाता है। ओह्ह मय गॉड। मतलब आप ने भी
आदमी – हां मैंने भी दो दिन पहले ही आत्महत्या की है। अब कोई सवाल है तेरा तो बोल
राहुल – नही भाई अब कोई सवाल नही है। बस इतना बता दो के आपने क्यों किया ये सब
आदमी – मेरी कहानी जान न चाहता है तो सुन
मैं गुजरात का रहने वाला हूँ दोस्त । तेरे ही कॉलेज में M.tech का स्टूडेंट हु मुझे पापा फैमिली या पैसे का कोई दुख नही था। पापा राजनीति में है तो पैसा भी बहुत है उनके पास ओर में उनका अकेला बीटा था तो देते भी थे मुझे लेकिन मुझे तो लड़की ने मारा है दोस्त।
राहुल – लड़की ने मारा मतलब।
आदमी – मुझे इसी कॉलेज में बी एड की एक लड़की से प्यार था वो भी करती थी काफी वक्त साथ हो गया था हमे । एक दिन मैंने उसे शादी के लिए पूछने की सोची इसके लिए मैंने उसके लिए 1 लाख रुपये के 4 कंगन भी बना लिए । ओर लेकर उसे पूछने के लिए कॉलेज गया तभी जाते वक्त रास्ते मे मुझे मेरा एक दोस्त मिला । उसने बताया कि उसने कल अपने एक दोस्त से फ़ोन खरीदा था जिसमे उसे ये वीडियो चैट मिली । जब मैंने वो वीडियो देखी भाई तो पैरो नीचे से जमीन खिसक गई जिस लड़की से में बात करता था वो किसी ओर से भी बात करती थी और ऐसी वैसी बात नही जो मैं आजतक सोच भी नही सकता ऐसी हरकतें थी उस वीडियो में। एकदम जल कर राख हो गया में। सूद बुध सब खो दी। सबकुछ आंखों के सामने था । बस रूम गया वहाँ से चूहे मारने की दवा उठाई और एकांत जगह देखते देखते सीधा यहाँ आ गया और जोश में होश खोकर दुख में अपनी जीवन लीला खत्म कर ली। लेकिन अब रो रहा हु। पछता रहा हु। आखिर एक लड़की के लिए इतना पैर करने वाले मा बाप को रुला दिया मैन। दोस्त ये लड़कियां किसी की नही होती। कुछ पता नही चलता कब खुद के लिए लात मार दें। सच्चे प्यार का नाटक ऐसे करेंगी के तू पहचान नही सकेगा । सब ड्रामा है।
छोड़ तू अगर अब मरना चाहता है तो तेरा फांसी का फंदा तेरा इंतजार कर रहा है। और अगर जीना चाहता है तो उठ खड़ा हो और मेरी लाश की अगली जेब मे 4 कंगन पड़े है वो निकाल ओर जेब मे 20 हजार रुपये है निकाल ओर अपने किसी अच्छे काम में लगा । कामयाब बन। मेरे किसी काम के नही अब ये। ओर इनका मेरे सिवा किसी को पता नही है। जातभी राहुल एक लंबी सांस भरके खड़ा हुआ और लाश की जेब से कंगन ओर पैसे निकाल के बोला भाई तूने आंखे खोल दी यर। ये पैसा ऐसी जगह लगेगा जिस से आप भी खुश होंगे कि मरके भी किसी की जिंदगी बचा ली अपने । थैंक्स भाईओर सुन दोस्त जाकर मेरा एक काम कर देना किसी को मेरी लाश की खबर दे देना ताकि मेरा अंतिम संस्कार हो सके और मुझे मुक्ति मिल सके।ओर मेरी उस बेवफा से कह देना के सुनील तुझे बहुत प्यार करता था तूने उसे छोड़कर उसे धोखा देकर उसकी जिंदगी छीन ली । लेकिन तू जहा भी रहे जिसके साथ भी रहे मेरा अहसास मत भूलना ओर खुश रहना बस। ई लव यू।

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